जबलपुर में ठगी का मास्टरप्लान! फर्जी परिवार बनाकर जालसाजों ने की 60 लाख की ठगी

जबलपुर के राइट टाउन इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ जालसाजों ने सुनियोजित तरीके एक पिता-पुत्र से र 60 लाख रुपये की ठगी कर ली

जबलपुर में ठगी का मास्टरप्लान! फर्जी परिवार बनाकर जालसाजों ने की 60 लाख की ठगी
जबलपुर में ठगी का मास्टरप्लान! फर्जी परिवार बनाकर जालसाजों ने की 60 लाख की ठगी

जबलपुर के राइट टाउन इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ जालसाजों ने सुनियोजित तरीके एक पिता-पुत्र से र 60 लाख रुपये की ठगी कर ली

यह घटना करीब दो महीने पहले जिसमें वीरेंद्र प्रजापति उर्फ सोनू नाम का युवक पीड़ितों के कार्यालय पहुंचा। और खुद को गरीब और जरूरतमंद बताकर उनकी सहानुभूति हासिल की। धीरे-धीरे उनका विश्वास जीता और फिर अपनी असली चाल चल दी।

‘गड़े धन’ की कहानी और असली सिक्का

वीरेंद्र ने दावा किया कि उसके गांव में खुदाई के दौरान भारी मात्रा में गड़ा हुआ सोना मिला है। अपनी बात को सच साबित करने के लिए उसने एक सोने का सिक्का दिया, जिसकी जांच में वह असली निकला। यहीं से पिता-पुत्र को उस पर पूरा भरोसा हो गया।

5 किलो सोने का सौदा

इसके बाद ठग ने बताया कि उसके पास करीब 5 किलो सोना है, जिसे वह बेचना चाहता है। 15 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से सौदा तय हुआ। इस दौरान उसने रमादेवी, पन्नालाल और धर्मेंद्र को अपने परिवार के सदस्य (माता-पिता और भाई) के रूप में पेश किया, ताकि कहानी और भरोसेमंद लगे।

नकली सोना, असली ठगी

आरोपियों ने पीड़ितों को धातु की ईंटें थमाईं और बदले में 50 लाख रुपये नकद ले लिए। इसके बाद 1 अप्रैल को दोबारा संपर्क कर 10 लाख रुपये और ऐंठ लिए। कुल मिलाकर 60 लाख रुपये लेने के बाद जब पीड़ितों ने ‘सोने’ की गहन जांच कराई, तो सच्चाई सामने आई—वह सोना नहीं, बल्कि साधारण पीतल था।

पुलिस की कार्रवाई

ठगी का अहसास होते ही पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शनिवार को जबलपुर क्राइम ब्रांच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरेंद्र और उसके कथित परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पूरी योजना के तहत फर्जी परिवार का नाटक रचा था। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।